किसानों की लंबित मांगों को लेकर PM मोदी को पत्र लिखेगा संयुक्त किसान मोर्चा…

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दिल्ली: सिंघु बार्डर पर चल रही संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए किसान नेता बलबीर राजेवाल ने कहा कि संसद में कानून रद होने तक आंदोलन जारी रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा के सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम तय समय पर होंगे। 27 नवंबर को मोर्चा की फिर से बैठक होगी। उन्होंने कहा कि मोर्चा की बैठक में एमएसपी समेत कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।

बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि मोर्चा किसानों की लंबित मांगों को लेकर पीएम मोदी को ओपन लेटर लिखेगा। पत्र में एमएसपी समिति, विद्युत विधेयक 2020, किसानों पर दर्ज मामलों की वापसी और लखमीपुर खीरी को लेकर केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल होगी।

उन्होंने बताया कि तीनों कृषि कानून वापस लेने को लेकर पीएम मोदी की घोषणा का मोर्चा ने स्वागत किया है। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि पीएम मोदी का यह अच्छा कदम है लेकिन किसानों की कई अन्य मांगें अभी भी लंबित है। बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में 42 किसान संगठनों ने हिस्सा लिया। बैठक में राकेश टिकैत, बलबीर सिंह राजेवाल, गुरनाम सिंह चढ़ूनी समेत सभी जत्थेबंदियों के नेता भाग लिया।

कृषि सुधार कानून वापस लिए जाने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के बावजूद किसान संगठन प्रदर्शन जारी रखेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा की नौ सदस्यीय समन्वय समिति ने शनिवार को बैठक कर निर्णय लिया कि आंदोलन के लिए पूर्व में जो कार्यक्रम निर्धारित किए गए थे, वे जारी रहेंगे। 22 नवंबर को लखनऊ में महापंचायत, 26 नवंबर को आंदोलन के एक साल पूरे होने पर सभी मोर्चो पर भीड़ बढ़ाई जाएगी और संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने पर 29 नवंबर को संसद कूच किया जाएगा।

मोर्चा ने गिनाईं मांगें…

  • एमएसपी के लिए वैधानिक गारंटी हो
  • विद्युत संशोधन विधेयक को पूरी तरह वापस ले सरकार
  • दिल्ली में वायु गुणवत्ता विनियमन पर कानून से संबंधित दंडात्मक धाराओं से किसानों को बाहर रखें
  • आंदोलन में जान गंवाने वालों के परिवारों को मुआवजा और रोजगार के अवसर मिले
  • आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे बिना शर्त वापस लिए जाएं
  •  26 को मोर्चो पर बढ़ाएंगे भीड़, 29 को टीकरी,गाजीपुर से संसद कूच

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