केरल में भारी बारिश से कई सड़कें जलमग्न, कश्मीर में तापमान शून्य से नीचे पहुंचा….

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दिल्ली: देशभर में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। केरल में जहां भारी बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं। जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में इस मौसम में पहली बार तापमान शून्य से नीचे चला गया। केरल के विभिन्न हिस्सों में शनिवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण राज्य के कई बांधों में जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया जबकि रविवार सुबह तक कई सड़कें जलमग्न हो गईं। मौसम विभाग ने कहा कि भारी बारिश की यह स्थिति अगले दो दिनों तक विशेष रूप से राज्य के दक्षिणी हिस्सों में बनी रहने की उम्मीद है। इडुक्की जिला प्रशासन ने बताया कि तमिलनाडु सरकार के मुताबिक रविवार सुबह मुल्लापेरियार बांध में जलस्तर 140 फुट तक पहुंच गया।

स्काईमेट वेदर के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान, केरल में मध्यम से भारी बारिश जारी रह सकती है। कर्नाटक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों और तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, दक्षिण कोंकण और गोवा, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, गंगीय पश्चिम बंगाल और लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विदर्भ, मराठवाड़ा और झारखंड में और मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

भारी बारिश के कारण केरल में पेरियार नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने के लिए कहा गया है, क्योंकि अगले 24 घंटे में जलस्तर बढ़ने पर बांध के द्वार खोले जा सकते हैं। पथानामथिट्टा में भारी बारिश होने के बाद जिला प्रशासन ने लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है, विशेष रूप से नदी के किनारे या भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। पथानामथिट्टा और कोल्लम जिलों के विभिन्न हिस्सों में सड़के जलमग्न हैं। इन दोनों जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

केरल के कुछ हिस्सों में शनिवार को लगातार बारिश के कारण मामूली भूस्खलन हुआ और ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं, जिसके कारण अधिकारियों को पहाड़ी इलाकों, नदी के किनारों और पर्यटन केंद्रों में अत्यधिक सावधानी बरतनी पड़ी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई थी। जबकि ‘ऑरेंज अलर्ट’ के साथ कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम और इडुक्की जिलों में बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई थी। आईएमडी के एक बयान में कहा गया है कि 16 नवंबर तक केरल में एक या दो स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की भी संभावना है।

वहीं जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में इस मौसम में पहली बार तापमान शून्य से नीचे चला गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कश्मीर के कई इलाकों में रविवार सुबह कोहरे की परत छा गई, क्योंकि घाटी में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मौसम में पहली बार कश्मीर घाटी के सभी मौसम केंद्रों में रात का तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया। श्रीनगर में बीती रात न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछली रात के 0.1 डिग्री सेल्सियस से कम है।

वार्षिक अमरनाथ यात्रा के आधार शिविर पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। पहलगाम कश्मीर का सबसे ठंडा स्थान रहा। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग रिजॉर्ट में न्यूनतम तापमान शून्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में पारा शून्य से नीचे 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। घाटी के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले काजीगुंड कस्बे में तापमान शून्य से नीचे 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि कोकरनाग कस्बे में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 0.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

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