आपदा में करीब सात हजार करोड़ का नुकसान, 52 की मौत, 68 हजार लोगों को रेस्क्यू किया…

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हल्द्वानी: उत्‍तराखंड में दो दिन की बारिश से मची तबाही के बाद मौसम साफ हो गया है। जिसके बाद सेना, प्रशासन और स्वयं सेवी संगठनों ने मोर्चा संभाल लिया। बारिश से सर्वाधिक तबाही कुमाऊं मंडल में मची है। अब 49 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। वहीं गढ़वाल मंडल के पौड़ी जिले में तीन नेपाली श्रमिकों की मौत हुई है। प्रदेशभर में अब तक 52 मौतों की पुष्टि प्रशासन कर चुका है। वहीं नुकसान की बात करें तो कुमाऊं मंडल में 15 पुल बह गए हैं, छह हाईवे बंद हैं, 92 संपर्क मार्ग बंद हैं, 217 मकान-दुकान क्षतिग्रस्त हों गए हैं और 68 हजार लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। सीएम पुष्‍कर सिंह धामी ने बताया कि करीब सात हजार करोड़ के नुकसान का अनुमान है। पर्वतीय इलकों में फंसे पर्यटकों और ग्रामीणों को रेस्‍क्‍यू करने के लिए आज से सेना हेलीकॉप्‍टर से अभियान चलाएगी।

चम्पावत जिले के सुल्लापासम गांव निवासी कैलाश सिंह, पत्नी चंचला देवी, पुत्र रोहित व भुवन पुराने घर में रुके थे, जो मूसलधार बारिश से टपकने लगा। इसपर मंगलवार को सभी नवनिर्मित मकान में चले गए। इस बीच देर रात भूस्खलन से मलबा नए मकान पर गिर गया, जिसमें चारों दब गए। बुधवार सुबह एसडीएम केएन गोस्वामी के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और सभी को बाहर निकाला। लेकिन तब तक चारों की मौत हो चुकी थी। तिलवाड़ा में मंगलवार को मलबे में दबे मां-बेटी के शव को भी रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाल लिया। वहीं, बागेश्वर के सिमकूना पोस्ट आफिस में तैनात डाकिया संजय कुमार पुत्र चंद्र राम का शव गधेरे से बरामद किया गया। वह सोमवार को उफनाए भद्रवती गधेरा में बह गए थे। पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी दारमा घाटी के चल गांव के शंकर सिंह पुत्र गोपाल सिंह व दीपक चलाल पुत्र करण सिंह चलाल की थारथा बुग्याल में बर्फ में दब कर मौत हो गई है।

आपदा में नैनीताल व अल्मोड़ा जिले सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। वहीं, ऊधम सिंह नगर में फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इस बीच पूरे मंडल में 15 पुल बह गए हैं। चम्पावत-पिथौरागढ़ नेशनल हाईवे पर आवागमन ठप है। चम्पावत में चल्थी के पास नेशनल हाईवे का 150 मीटर हिस्सा नदी में समा गया है। नैनीताल जिले का मुक्तेश्वर और रामगढ़ क्षेत्र आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी रेस्क्यू में जुटी है। एयर फोर्स के दो हेलीकॉप्टर भी मोर्चा संभाले हैं। अभी पूरे मंडल में छह हाईवे व 92 संपर्क मार्ग बंद हैं। 217 मकान-दुकान आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस सब के बीच पूरे कुमाऊं में 68 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। नैनीताल से करीब एक हजार पर्यटक सुबह मार्ग खुलते ही अपने गंतव्य को रवाना हो गए। जिम कार्बेट पार्क भी पूरी तरह से खाली है। बारिश से कार्बेट पार्क को भी काफी नुकसान हुआ है। सड़कें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

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