हरियाणा में विरोध प्रदर्शन तेज, पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल, राहुल गांधी और कैप्‍टन अमरिंदर ने जताया विरोध…

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दिल्ली: केंद्रीय कृषि सुधार कानूनों के विरोध में पंजाब-हरियाणा के किसान ‘दिल्ली चलो’ मार्च निकाल रहे हैं। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार किसान करनाल से दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। किसानों को तितर बितर करने के लिए पुलिस प्रशासन ने वाटर केनन का इस्तेमाल किया हैै। इस बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि यह कानून क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला है। साथ ही उन्होंने किसानों से प्रदर्शन न करने की अपील की और तीन दिसंबर को बातचीत के लिए आमंत्रित किया।

बता दें कि किसानों का ‘दिल्ली चलो’ प्रदर्शन अंबाला- पटियाला बॉर्डर पर प्रदर्शन उग्र हो गया। किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। पथराव की भी खबर है। पुलिस ने किसानों पर वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। वह राशन-पानी के साथ दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। किसान नेता योगेंद्र यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वहीं, केंद्रीय यूनियनों ने श्रम सुधारों के खिलाफ देशव्यापी बंद बुलाया है। प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम बंगाल में रेलवे ट्रैक ब्लॉक कर दिया। ओडिशा और केरल में भी इस बंद का असर देखने को मिला है।

– पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, यहां के किसान आपके (केंद्र) लाए गए बिलों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। आप राजधानी में जाने वाले किसी व्यक्ति को रोक नहीं सकते, जहां संसद है और जहां अपने विचार व्यक्त कर रहा है। आप उन्हें क्यों रोक रहे हैं? किसानों को रोकना इस देश की संवैधानिक भावना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है। मुझे लगता है कि हरियाणा सरकार को उन्हें जाने की अनुमति देनी चाहिए थी और दिल्ली सरकार को अपनी बात पेश करने के लिए उन्हें बैठने के लिए जगह देनी चाहिए थी।

– किसानों के प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार की क्रूरता के सामने देश के किसान पूरी तरह से खड़े हैं।

– कृषि सुधार कानून को लेकर हरियाणा के करनाल में खासा विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सड़क में उतरे किसानों को तितर-बितर में करने के लिए पुलिस प्रशासन ने उन पर पानी का छिड़काव किया है। ये सभी किसान दिल्ली की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

-कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ‘ नए कृषि कानून समय की मांग हैं। आने वाले समय में यह क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला है। हमने पंजाब में सचिव स्तर पर अपने किसान भाइयों की गलत धारणाओं को दूर करने के लिए बात की है। हम 3 दिसंबर को बात करेंगे। मैं अपने किसान भाइयों से अपील करना चाहता हूं कि वे आंदोलन न करें। हम मुद्दों के बारे में बात करने और मतभेदों को सुलझाने के लिए तैयार हैं। मुझे यकीन है कि हमारे संवाद का सकारात्मक परिणाम होगा।’

– कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के दिल्ली चलो आंदोलन के चलते दिल्ली-नोएडा बॉर्डर के पास कालिंदी कुंज में जाम लग गया है। एसएचओ सरिता विहार ने बताया, ‘कोई प्रदर्शनकारी दिल्ली में दाखिल ना हो पाए इसके लिए पुलिस की सभी टीमें उच्च अधिकारियों के साथ हर जगह अलर्ट पर हैं।’

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