सप्ताहांत लॉकडाउन बेअसर, सप्ताह दर सप्ताह बढ़ रहे मरीज, व्यापारियों का कारोबार प्रभावित…

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कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के मकसद से राज्य सरकार की ओर से सप्ताहांत शनिवार व रविवार को लॉकडाउन का निर्णय फिलहाल बेअसर ही दिखाई दे रहा है। सरकार की ओर से रोजाना जारी आंकड़े इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि सप्ताहांत लॉकडाउन से संक्रमितों की संख्या घटने के बजाय बढ़ी ही है।

सप्ताह दर सप्ताह प्रदेश व राजधानी लखनऊ में कोरोना के नए मरीजों के मिलने का रिकॉर्ड बन रहा है। मरीजों की संख्या एक लाख पार हो गई है। अलबत्ता लॉकडाउन की वजह से व्यापारियों के कारोबार पर असर जरूर पड़ रहा है। प्रदेश में 11 जुलाई से शनिवार-रविवार को लॉकडाउन की शुरुआत की गई थी।
इसके पीछे सरकार की मंशा थी कि सप्ताहांत दो दिन शनिवार व रविवार को लोगों को घरों में रोककर कोरोना संक्रमण के चेन तोड़ी जाए। साथ ही छुट्टी के दो दिन सार्वजनिक स्थानों, बाजारों व भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन कराकर वायरस पर नियंत्रण किया जाए लेकिन इसके अपेक्षित नतीजे नहीं मिले हैं।
सैनिटाइजेशन पर उठ रहे सवाल…
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना पर काबू पाने के लिए शनिवार-रविवार को लॉकडाउन के साथ ही सार्वजनिक स्थलों, बाजारों व प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में स्वच्छता और सैनिटाइजेशन का विशेष अभियान चलाने को कहा था। इस अभियान पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

व्यापक पैमाने के बजाय कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन कराकर खानापूरी की जा रही है। राजधानी में ही सैनिटाइजेशन हजरतगंज जैसे वीवीआईपी क्षेत्र या फिर उन इलाकों तक सीमित है जहां सरकार के मंत्री व शासन के आला अफसर रहते हैं। जानकारों का कहना है कि स्वच्छता और सैनिटाइजेशन का कार्य मानक के अनुसार नहीं कराया जा रहा है।

होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानें बंद होने से सरकार का राजस्व भी घटा…
शनिवार-रविवार को लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट व मिठाई के कारोबार पर पड़ा है। हफ्ते के कुल कारोबार का 40 फीसदी शनिवार और रविवार को होता है। कारोबारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना कि शनिवार-रविवार को अवकाश होने के कारण खरीदार बाजार में आते हैं जिससे आम दिनों के मुकाबले इन दो दिन में अच्छा व्यापार होता रहा है।

मिठाई कारोबारियों का कहना है कि हफ्ते में दो दिन बंदी होने के कारण छेना, खोया आदि के आइटम कम बनते हैं क्योंकि इनका स्टॉक बच जाने पर खराब हो जाता है। खरीदार भी पुराना माल होने की आशंका से कम खरीदारी करते हैं। भले ही ताजी मिठाई बनी हो।
मिठाई की बिक्री घटने से रोजाना 10 लाख के राजस्व की चपत…
उत्तर प्रदेश फूड प्रोसेसर एसोसिएशन के महामंत्री व लखनऊ व्यापार मंडल के चेयरमैन अनिल वरमानी के अनुसार शनिवार और रविवार को औसतन रोजाना लगभग दो-दो करोड़ रुपये की बिक्री होती थी। मिठाई पर 5 फीसदी जीएसटी है। लॉकडाउन के चलते शनिवार और रविवार को मिठाई एवं बेकरी इंडस्ट्री से राज्य सरकार को रोजाना 10 लाख रुपये के राजस्व की चपत लग रही है। वहीं शुक्रवार के बाद मिठाई और बेकरी की दुकानें बंद हो जाती हैं। सोमवार को खुलने पर खाने की बहुत-सी वस्तुएं खराब हो चुकी होती हैं, जिन्हें फेंकना पड़ता है।

रेस्टोरेंट बंदी से रोजाना औसतन 15 लाख राजस्व का नुकसान…
अवध फूड एसोसिएशन के अध्यक्ष ओपी आहूजा के अनुसार शनिवार और रविवार को आम दिनों के मुकाबले 50 फीसदी ज्यादा कारोबार होता है। अमूमन जिस रेस्टोरेंट की सेल सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 50 हजार रुपये होती है, वह सप्ताहांत में बढ़कर 75 से 80 हजार तक पहुंच जाती है।

लखनऊ में ही 4000 रेस्टोरेंट हैं जिनकी औसतन तीन करोड़ रुपये सेल होती थी। इस पर 5 फीसदी जीएसटी सरकार के खजाने में जाता है। सिर्फ लखनऊ के रेस्टोरेंट बंद होने से सरकार को प्रतिदिन 15 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
होटलों में पहले से ही सन्नाटा…
लखनऊ होटल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्याम कृष्णानी का कहना है कि सप्ताहांत लॉकडाउन का होटल इंडस्ट्री पर इसलिए भी कोई असर नहीं है क्योंकि होटल पहले से ही सन्नाटे में हैं। जब तक कोरोना का भय खत्म नहीं होगा, तब तक लोग होटल की तरफ रुख नहीं करेंगे।

कोविड-19 की वैक्सीन आने के बाद होटल इंडस्ट्री के दिन बहुरने की उम्मीद है। 2500 रुपये के कमरे के किराये पर 12 फीसदी, 7500 रुपये के कमरे के किराये पर 18 फीसदी और इससे अधिक वाले कमरे पर 28 फीसदी जीएसटी है। जब रूम बुक होंगे तो सरकार का भी राजस्व बढे़गा।

शुक्रवार     मरीजों की संख्या    सोमवार    मरीजों की संख्या
(प्रदेश/लखनऊ)                    (प्रदेश/लखनऊ)
10 जुलाई    1347/140        13 जुलाई     1664/196
17 जुलाई    1733/151        20 जुलाई     1924/282
24 जुलाई    2712/297        27 जुलाई     3578/312
31 जुलाई    4453/562         3 अगस्त     4473/507

शनिवार व रविवार की बंदी से उद्योग व कारखाने मुक्त हैं। वहां नियमित रूप से काम हो रहा है। बंदी का इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। – आलोक कुमार, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास

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