पुलिस महानिदेशक के बचाव में उतरा अखिल भारतीय गौरक्षा महासंघ…

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों के खिलाफ़ राजधानी के कई संगठनों ने अपनी आवाज़ उठायी।इन संगठनों में अखिल भारतीय गौरक्षा महासंघ जैसा प्रमुख संगठन भी शामिल है जो कोरोनाकाल में जनसेवा के माध्यम से पूरे देश में नाम कमा चुका है।
महासंघ के अध्यक्ष कलीम भारतीय ने उत्तर प्रदेश के वर्तमान पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल पर लग रहे भ्रष्टाचारों के सभी आरोपों को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के वर्तमान पुलिस महानिदेशक एक ईमानदार और कर्मठ पुलिस अधिकारी रहे हैं जो आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ़ जीरो टाॅरलेंस की नीति को आगे बढ़ाने में जुटे हैं जिससे ऐसे लोगों में भय व्याप्त है और वे किन्हीं पुराने आरोपों के आधार पर योगी सरकार को बदनाम करने का राजनीतिक प्रयास कर रहे हैं।
दूसरी तरफ मुकुल गोयल की नियुक्ति के खिलाफ़ मोर्चाबंद पुलिस परिवार कल्याण समिति के महामंत्री अविनाश प्रकाश पाठक का कहना है कि वर्ष 2006 में हुए पुलिस भर्ती घोटाले पर हुई उच्च स्तरीय विभागीय जांच के दस्तावेजी प्रमाण उनके पास मौजूद हैं जिसे लेकर वे लगातार कानूनी लड़ाई लड़ते रहे हैं।पाठक के अनुसार इस पूरे मामले का किसी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है बल्कि इसे एक सामाजिक समस्या के रूप में देखा जाना चाहिए।पुलिस परिवार कल्याण समिति का कहना है कि जिस राज्य के पुलिस बल का मुखिया ही विभागीय भर्तियों में हुई धांधली और वसूली के गम्भीर आरोपों से घिरा हुआ हो उस राज्य के पुलिस कर्मियों को अनुशासन जनसेवा और सदाचार का पाठ कौन पढ़ाएगा? पाठक ने बताया कि अब वे इस पूरे मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की जनता तक पहुंच रहे हैं जिससे मौजूदा सरकार का भ्रष्टाचार समर्थक चेहरा सबके सामने लाया जा सकेगा।

रिपोर्ट: ज़ाहिद अली

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