जीका वायरस को लेकर यूपी में अलर्ट..

38

कानपुर: यूपी के कानपुर में जीका वायरस का मरीज पाए जाने से हड़कंप मच गया। शासन भी इसको लेकर अलर्ट मोड में दिख रहा है। इस बार उसको देखते हुए 75 जिले में एडवाइजरी  कर दी गई है।

इस बीच थोड़ी राहत तब आई जब केजीएमयू में भेजे गए 22 सैंपल नेगेटिव आया। फिलहाल जिका वायरस के रोगी मिलने पर पूरे इलाके के मैपिंग करने के निर्देश जारी हुए हैं। इस मैपिंग को 3 लेयर कैटेगरी में लागू करने की हिदायत दी गई है।

यूपी के डीजी मेडिकल हेल्थ डॉक्टर देवव्रत सिंह ने बताया कि वेक्टर बोर्न डिजीज को लेकर पहले से ही सतर्कता बढ़ती जा रही है। फिलहाल राजस्थान और केरल में जीका वायरस के मामले आ रहे हैं। इसीलिए इन प्रदेशों से आने वाले लोगों की सैंपल टेस्टिंग कराई जा रही है। अस्पतालों में भी पर्याप्त इंतजाम करने को कहा गया है।

जिका वायरस पर केजीएमयू कुलपति डॉ विपिन पुरी ने बताया कि यह वायरस भी मच्छर के काटने से फैलता है। इसलिए डेंगू मलेरिया से बचाव के उपचार इन पर भी लागू है। मच्छरों को पनपने से रोकना है। यह वायरस दुनिया के लिए नया नहीं है। अभी तो प्रदेश में केवल एक ही केस पाया गया है। पैनिक होने की जरूरत नहीं है। सतर्कता और जागरूकता ही इसका बचाव है।

जीका वायरस से पीड़ित मरीज को तेज बुखार, शरीर पर लाल रंग के दाने, आंखों में जलन और मांस पेशियों मे दर्द होता है। आमतौर पर इसके लक्षण 3 दिन से 2 हफ्ते के भीतर दिख  जाता है

- Advertisement -

Leave A Reply

Your email address will not be published.