छत्तीसगढ़: पूर्व सीएम अजीत जोगी की हालत नाजुक, वेंटिलेटर के जरिए दी जा रही सांस…

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छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) के सुप्रीमो अजीत जोगी की हालत नाजुक बनी हुई है। मेडिकल बुलेटिन में दी गई जानकारी के मुताबिक, जोगी को वेंटीलेटर के जरिए सांस दी जा रही है। डॉक्‍टरों का कहना है कि जोगी का हृदया सामान्य रूप से काम कर रहा है लेकिन जोगी की न्यूरोलाजिकल (मस्तिष्क) की गतिविधियां नहीं के बराबर हैं। डॉक्‍टरों की मानें तो वे अगले 24 घंटे के बाद ही बता पाने की स्थिति में होंगे कि उनके मस्तिष्क में कितनी गतिविधियां है।
जोगी शनिवार सुबह अपने बंगले में गंगा इमली खा रहे थे इसी दौरान उसका बीज उनकी स्‍वांस नली में अटक गया था। बताया जाता है कि जोगी को हार्ट अटैक आया जिसके बाद बीते नौ मई को देवेंद्र नगर स्थित श्री नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया… तभी से वह आईसीयू में हैं और उन्‍हें कृत्रिम सांस दी जा रही है। जांच में पता चला था कि उनकी सांस की नली में इमली का एक बीजा फंसा है। डॉक्टरों ने वह बीज उनकी सांस नली से निकाल तो लिया लेकिन तभी से ही जोगी कोमा में हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले 24 घंटे बेहद अहम हैं।
सोमवार को जोगी का हाल जानने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित कई कांग्रेसी नेता भी अस्पताल पहुंचे। राज्यपाल अनुसूईया उइके, विधायक धर्मजीत सिंह, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल सहित राज्य सरकार के कई मंत्रियों ने भी अस्पताल पहुंचकर योगी का हाल जाना। जोगी के स्वास्थ्य को लेकर सभी चिंतित हैं। जोगी एक लोकप्रिय नेता के रूप में केवल छत्तीसगढ ही नहीं पूरे देश में जाने जाते हैं। आईपीएस की नौकरी से इस्‍तीफा देकर जोगी राजनीति में आए थे और छत्तीसगढ के पहले सीएम बनने का गौरव हासिल किया था।
उधर जोगी की सलामती के लिए पूरे राज्य में लोग दुआ कर रहे हैं। जोगी की सलामती के लिए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ आदिवासी नेता और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातिय आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय भी बीते तीन दिनों से भगोरा स्थित अपने गृह निवास में महामृत्युंजय का जाप कर रहे हैं। साय का कहना है कि जीवन, राजनीति से अनमोल होता है। एक सभ्य मानव समाज का सदस्य होने के नाते, एक मनुष्य की जीवन को बचाने का अंतिम क्षण तक प्रयास करना, हम सबका धर्म है। नंदकुमार साय की यह पूजा सोशल मिडिया में खूब वायरल हो रही है।
नंदकुमार साय बताते हैं कि अजित जोगी के मुख्यमंत्री रहने के दौरान मेरा उनसे गहरा राजनीतिक और वैचारिक मतभेद रहा। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाते हुए मैंने ना केवल कांग्रेस सरकार को वरन अजित जोगी की नीतियों का कड़ा विरोध किया था। चुनावी मैदान भी उनका सामना दो बार अजित जोगी से हो चुका है। हालांकि दोनों बार उन्हें जोगी के हाथों हार मिली थी लेकिन दो दिन पूर्व जब उन्हें सूचना मिली कि जोगी की तबियत खराब हो गई है और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है तब उन्‍होंने उनके बेटे अमित जोगी से फोन पर संपर्क किया और जोगी के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
साय कहते हैं कि अमित जोगी ने बताया था कि जोगी के जीवन को बचाने के लिए दवा के साथ दुवाओं की भी जरूरत है तब उन्होनें जोगी के जीवन के रक्षा के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुरू कर दिया। उन्‍होंने कहा कि जब तक अजित जोगी खतरे से बाहर नहीं आ जाते तब तक जप जारी रहेगा। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय, अक्सर सुर्खियों में रहने वाले आदिवासी नेता हैं। राजनीति के क्षेत्र में उनकी चर्चा नमक ना खाने को लेकर की जाती है। तकरीबन दो दशक से उन्होनें नमक का सेवन नहीं किया है। धारा प्रवाह संस्कृत बोलने वाले इस नेता संसद में संस्कृत में शपथ ग्रहण करके नई लकीर खींची थी।

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