केरल में बारिश का कहर, पानी में डूबा मंदिर; जानें बाकी राज्यों में कैसा रहेगा मौसम…

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केरल: मौसम विभाग ने 7 अगस्त से 9 अगस्त के बीच देश के कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसी बीच कई जगहों पर लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। दरअसल, गुरुवार को मौसम विभाग ने केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था। अब उन क्षेत्रों में लगातार हुई बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।  पनामार और वायनाड में बाढ़ जैसी स्थिति। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने वायनाड में कल के लिए अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की।

केरल में लगातार बारिश के बाद पेरियार नदी में जल स्तर बढ़ने से अलुवा में शिव मंदिर जलमग्न हो गया। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र भुवनेश्वर के निदेशक एचआर विश्वास ने कहा कि 9 और 10 अगस्त को दक्षिणी ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश की उम्मीद।

वहीं राजस्थान में अनेक स्थानों पर तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम वर्षा व दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ हल्की वर्षा होगी। कश्मीर में कुछ स्थानों पर तथा जम्मू व हिमाचल प्रदेश में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होगी। पहाड़ों में दिन आरामदायक होगा।

कर्नाटक में कावेरी नदी के उद्गम स्थल तलकावेरी में तेज बरसात के कारण हुए भूस्खलन के बाद एक पुजारी समेत पांच लोग लापता हो गए। बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं, लेकिन तेज बारिश के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है।

चक्रवाती तूफान ‘सिनलाखू’ की वजह से अगले दो से तीन दिन में झमाझम बारिश और सामान्य से काफी तेज हवा चलने के आसार हैं। यह अभी बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है, जिससे उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में निम्न वायुदाब का क्षेत्र विकसित हो रहा है। इसका असर बुधवार से मौसम में दिखने लगा है। ‘सिनलाखू’ चार से पांच दिन पहले वियतनाम के पास से सक्रिय हुआ था और यह म्यांमार से होता हुआ बंगाल की खाड़ी पहुंच गया है। इससे कानपुर के साथ ही कानपुर देहात, औरैया, इटावा, फीरोजाबाद, शाहजहांपुर, बदायूं, बरेली व रामपुर आदि जिलों में बारिश हो सकती है। इसके साथ ही उत्तरी अरब सागर पर निम्न दबाव का नया क्षेत्र बन रहा है। चक्रवाती हवाओं का एक क्षेत्र छत्तीसगढ़ उत्तर पूर्व में भी बना है। यह सारे सिस्टम एक अक्षीय रेखा से होकर जा रहे हैं, जिसकी वजह से मानसून में तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि ‘सिनलाखू’ का असर हफ्ते भर तक रह सकता है लेकिन, दो-तीन दिन तक जोरदार बारिश हो सकती है।

मौसम विज्ञानी के मुताबिक तेज हवा, बारिश के साथ ही बिजली गिरने की आशंका है। वर्षा भी लगातार नहीं होगी। एक या सवा घंटे के बीच 30 मिलीमीटर से ज्यादा तेज बारिश के आसार हैं। गुरुवार को अधिकतम तापमान 32.0 और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, 3.8 मिलीमीटर तक बारिश हुई। हवा की रफ्तार करीब 10 किमी प्रति घंटा रिकार्ड की गई। अधिकतम आ‌र्द्रता 81 और न्यूनतम 73 फीसद रही।

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