आन्ध्र प्रदेश में मिला वायरस का नया स्वरुप, 15 गुना ज्यादा घातक…

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आन्ध्र प्रदेश: कोरोना से जूझ रहे आन्ध्र प्रदेश में वैज्ञानिकों ने वायरस के 15  गुना तक एन440के स्ट्रेन का पता लगाया है। सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड माइक्रोबायोलॉजी (सीसीएमबी) वैज्ञानिकों कहना है कि विशाखापत्तनम समेत प्रदेश के अन्य राज्यों में महामारी का प्रकोप बहुत तेज है। सीसीएमबी वैज्ञानिको का तो यहां तक कहना है कि भारत में मिलने वाले स्ट्रेन वी1.617 और वी1.618 से भी अधिक संक्रामक है। विशाखापत्तनम जिले के कलेक्टर वी. विनय चंद का कहना है की अभी यह इस स्पष्ट नहीं है कि राज्य में किस तरह का स्ट्रेन है लेकिन ये कयास लगाया जा रहा है कि विशाखापत्तनम में मिलने वाला स्ट्रेन दूसरे स्ट्रेन से पूरी तरह अलग है। आंध्रप्रदेश मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाक्टर पीवी सुधाकर का कहना है कि हमने देखा है कि नए स्ट्रेन की चपेट में आने वालों में इन्कुवेशन पीरियड कम है लेकिन तकलीफ तेजी से बढ़ रही है। वे बताते हैं कि इस स्ट्रेन की चपेट में आने वाला व्यक्ति 3 से 4 दिन में ही शरीर में आक्सीजन की कमी के कारण बेहोशी और अचेतावस्था की अवस्था में चला जाता है। पहले ऐसी स्थिति में जाने को रोगी को 7 दिन का वक्त लगता था। एन440के को पहली बार आंध्रप्रदेश के करनूल में पाया गया था। इसके बाद यह तेलंगाना, महाराष्ट्र सहित देश के कई हिस्सों में भी मिला। वैज्ञानिकों के अनुसार, इसी साल जनवरी माह तक यह वैरिएंट काफी मिल रहा था। लेकिन फरवरी से इसमें बदलाव देखने को मिल रहा है और मार्च व अप्रैल में मिले सैंपल की जांच से पता चला है कि यह अब गायब होने जा रहा है।

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