अब कंचा गोली की आड़ में चल रहा अप्रत्यक्ष जुए का खेल…

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लखनऊ: राजधानी में महानगर थाना क्षेत्र के बीरबल सहानी मार्ग स्थित शिवधाम बस्ती पिछले काफी समय से जुआरियों का अड्डा बनी हुई है।यहां सुबह से देर रात तक हर दिन कुछ दबंगों ने अपनी दबंगई के दम पर सट्टा और जुए का खेल बेधड़क चला रखा है। जिसका समाचार राजधानी के विभिन्न दैनिक समाचार पत्रों में “शिवधाम बस्ती बनी जुआरियों का अड्डा” शीर्षक से छपते ही जुआरियों में हड़कंप मच गया था।साथ ही मामला लखनऊ पुलिस कमिश्नर के संज्ञान में पहुंचते ही महानगर पुलिस में खलबली मच गई इसके बाद आनन-फानन में स्थानीय पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर गश्त शुरू कर दिया। इसके साथ सुबह से देर रात तक तीन से चार मरतबा मुहल्ले में पुलिस ने गश्त करके जुआरियों को चेतावनी दी थी कि यदि कोई लोग भी यहां सट्टा और जुआ खेलते हुए नज़र आए तो उन्हें पकड़कर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। गौरतलब है कि स्थानीय पुलिस द्वारा की गई एक दिन की इस सख्ती का असर ये रहा कि यहां डेढ़ सप्ताह तक सन्नाटा छाया रहा।परन्तु जुआरियों में जुआ न खेल पाने की छटपटाहट ज़रूर देखी गई वही सट्टे का करोबार गुपचुप तरीके से मोबाइल के ज़रिए जारी रहा और आज भी चल रहा है। जुआरियों में जुए की बढ़ती लत ने उन्हें नया तरीका निकालने को मजबूर कर दिया। अब यहां पुलिसिया खौफ़ से जुआरियों ने अपना ट्रेंड बदल लिया है। शिवधाम बस्ती में अब इन दबंग जुआरियों ने कंचा गोली की आड में अप्रत्यक्ष रूप से जुए का खेल शुरू कर दिया है जोकि यहां एक-एक बजे रात तक चलता है।गौरतलब है कि अब यहां ताश के पत्तों की जगह कंचा गोली खेल में रुपयों के दांव लगाएं जा रहे हैं। कंचा गोली खेल में भी हार जीत को लेकर ये जुआरियों का झुंड रुपयों के लेन-देन में गाली-गलौज, धक्का-मुक्की यहां तक मारपीट की नौबत भी आती है। यहां रहने वाले कुछ शरीफ लोगों का कहना कि यहां हर रोज़ लग रहे इन शराबियों,जुआरियों के जमघट से उन्हें काफी परेशानी हो रही हैं।ज्ञातव्य है कि यहां सरकारी सुविधाओं का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा हैं। बस्ती के बीचो-बीच वैवाहिक समारोह के लिए बनाया गया लाॅननुमा पक्का चबूतरा काफी समय इन जुआरियों और सट्टेबाजों का अड्डा बना हुआ है और यहां लगी नगर निगम की मरकरी लाइट की चमचमाती रोशनी इन जुआरियों के लिए सोने पर सुहागे का काम कर रही।जिसका फायदा उठाकर यहां देर रात तक कंचा गोली का खेल चल रहा हैं। कुल मिलाकर यहां सरकारी सुविधाओं का इस्तेमाल मौज- मस्ती और गलत कामों में खूब धड़ल्ले से किया जा रहा है।
मतलब अब कहीं न कहीं इन जुआरियों द्वारा जुए के खेल का ट्रेंड बदलकर स्थानीय पुलिस को बेवकूफ बनाने की कोशिश हो रही है।

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